16 अक्टूबर 2014 - 17:46
कश्मीर में आईएसआईएस के झंडे लहराए जाने से चिंता

भारत के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी ने कहा है कि कश्मीर में आईएसआईएल के झंडे लहराया जाना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को इस पर सर्वाधिक ध्यान देने की ज़रूरत है।

भारत के एक वरिष्ठ सेना अधिकारी ने कहा है कि कश्मीर में आईएसआईएल के झंडे लहराया जाना चिंता की बात है।  उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को इस पर सर्वाधिक ध्यान देने की ज़रूरत है।
भारतीय सेना की 15 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा ने यह बात बुधवार को कही है।  मंगलवार को ही जम्मू व कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घाटी में आईएसआईएल के झंडे दिखाए जाने को कुछ बेवकूफों की करतूत बताया था।  लेफ्टिनेंट साहा ने कहा कि आईएसआईएस की बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करने की क्षमता चिंता की वजह है।
साहा ने कहा कि आईएसआईएस के झंडों का कश्मीर में दिखाई देना वास्तव में चिंता पैदा करता है।  उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवकों को प्रलोभन से बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सर्वाधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
ज्ञात रहे कि बकरीद की नमाज़ के बाद एक प्रदर्शनकारी को आईएसआईएस का झंडा लहराते हुए देखा गया था।  इससे पूर्व जुलाई में भी घाटी में इसी तरह की घटना सामने आई थी।
इसी बीच कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा था  कि आपको समझना चाहिए कि घाटी में अभी तक किसी आईएसआईएस समूह की पहचान नहीं हुई है।  उन्होंने कहा कि झंडा कुछ बेवकूफों ने लहराया था जिसका यह मतलब नहीं है कि आईएसआईएस की कश्मीर में मौजूदगी है।  उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ चैनलों ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है।  मुख्यमंत्री उमर के बयान के बारे में पूछे जाने पर साहा ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के बयान के बारे में कोई जानकारी नहीं है।